मुख़्तसर हालात ज़िन्दगी। हज़रत मुफ्ती ख़लीलुर्रहमान साहब सादिक़ुल वअद बासनवी अलैहिर्रहमा
_______*आफ़ताबे* *बासनी* ________ *हज़रत* *अल्लामा* *मौलाना* *मुफ़्ती* *ख़लीलुर्रहमान* *साहब* *सादिक़ुल* *वअद* *बासनवी* *अलैहिर्रहमा* ___ अज़ क़लम ::: *इरफ़ान* *अहमद* *नोमानी* *जाहिदी* बासनी आप राजस्थान के मारुफ़ क़स्बा बासनी के मशहूर इल्मी घराने के चश्मो चराग़ हैं। जो कि ज़बरदस्त आलिमे बाअमल। बहुत मुत्तक़ी व परहेज़गार सूफ़ी तबीयत बुज़ुर्ग और अपने वक्त के ज़िम्मेदार मुफ़्ती थे। आपने अपनी पूरी ज़िन्दगी मिल्लत की सलाह व फ़लाह की के लिए काम करने में गुज़ारी और हमेशा क़ौम की रहनुमाई फ़रमाई और इल्मे दीन के चराग़ रोशन किये। आपसे क़ब्ल आपके बुज़ुर्गों का भी यही मशग़ला रहा जिसे उन्होंने वरासते इल्मे दीन की दौलत को अवाम में तक़सीम करते हुए अस्लाफ़ की अमानतों के अमीन और इस्लाम के सच्चे सपूत कहलाए। लोगों को फ़ैज़ाने इल्म से मालामाल किया और इसी को अपना मक़सदे हयात समझ कर ख़िदमते इस्लाम करते रहे। *इब्तिदाई* *तालीम* ::: हज़रत मुफ़्ती ख़लीलुर्रहमान साहब ने इब्तिदाई तालीम अपने वालिदे गिरामी हज़रत मौलाना अब्दुल करीम साहब से घर पर ही हासिल की। और फ़ारसी अपने बड़े भाई ह...